वसीम बरेलवी उर्दू के बहुत ही प्रसिद्ध भारतीय कवि है। इनके ग़ज़लों और शायरियो के दीवाने दुनिया भर में है। इनकी ग़ज़लों को लोकप्रिय गायक जगजीत सिंह ने भी गाया जो आगे जाकर  बहुत ही लोकप्रिय हुआ।

Waseem Barelvi Ghazals And Shayari




Biography Of Waseem Barelvi (जीवन परिचय)


उर्दू के प्रसिद्ध कवि वसीम बरेलवी जिन्हें कौन नहीं जानता इनकी ग़ज़लें और शेरों-शायरियां इतनी उम्दा होती है की कोई भी सुन ले तो बिना दाद दिए रह नहीं पाता। उर्दू के इस महान कवि का जन्म 8 फरवरी, 1940 को बरेली उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनका पुरा नाम ज़ाहिद हुसैन वसीम है। वसीम बरेलवी एक भारतीय उर्दू कवि है। 1958 में वसीम साहब ने आगरा विश्वविद्यालय से M.A की उपाधि प्राप्त की। तत्पश्चात एसोसिएट प्रोफेसर में उर्दू विभाग में बरेली के प्रमुख के रूप में भी कार्य किया। इनकी ग़ज़लों और रचनाओं को बहुत से प्रसिद्ध गायकों ने गाया जिनमें  जगजीत सिंह भी हैं। इनकी ग़ज़लों को जगजीत सिंह ने भी गाया जो बहुत ही लोकप्रिय भी है।

वसीम बरेलवी उर्दू के बहुत ही प्रसिद्ध भारतीय कवि है। इनके ग़ज़लों और शायरियो के दीवाने दुनिया भर में है। इनकी ग़ज़लों को लोकप्रिय गायक जगजीत सिंह ने भी गाया जो आगे जाकर  बहुत ही लोकप्रिय हुआ।


प्रोफेसर वसीम साहब को फिराक गोरखपुरी  इंटरनेशनल अवॉर्ड और उर्दू कविता के क्षेत्र में हरियाणा सरकार के द्वारा उनकी सेवाओं के लिए कालिदास स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

वसीम बरेलवी उर्दू के बहुत ही प्रसिद्ध भारतीय कवि है। इनके ग़ज़लों और शायरियो के दीवाने दुनिया भर में है। इनकी ग़ज़लों को लोकप्रिय गायक जगजीत सिंह ने भी गाया जो आगे जाकर  बहुत ही लोकप्रिय हुआ।


उन्होंने उर्दू में दो और हिंदी में छह से अधिक कविता-संग्रह प्रकाशित किए हैं।
इनकी कविताँए-संग्रह जो उर्दू में है – तबस्सुम-ए-ग़म (1966), मिजाज (1990), आंखें आँसू हुई (2000), आंखों आंखों रहे (2007), मेरा क्या (2007), मौसम अन्दर-बाहर के (2007) और हिंदी में –
आंसू मेरे दामन तेरा (1990), मेरा क्या (2000), चराग़ (2016)