This Beautiful ghazal 'Yaad Kisi Ki Chandani Ban Kar' has written by Bashir Badr.



 Difficult Words 
सहन-ए-चमन = बाग का आंगन।
गेसू = जुल्फों।
रुख़्सार = गाल, रंग, पहलू।

Yaad Kisi Ki Chandani Ban Kar 


Yaad kisi ki chaandani ban kar kothe kothe utari hai
Yaad kisi ki dhoop hui hai jeena jeena utari hai

Raat ki rani sahan-e-chaman mein gesoo khole soti hai
Raat-beraat udhar mat jaana ik naagin bhi rahti hai

Tum ko kya tum ghazalen kah kar apni pyaas bhujha loge
Us ke jee se poochho jo patthar ki tarah chup rahti hai

Patthar lekar galiyon galiyon ladke poochaa karte hai
Har basti mein mujhse aage shohrat meri pahunchti hai

Muddat se ik ladki ke rukhsaar ki dhoop nahi aayi
Isi liye mere kamre mein itni thandak rahti hai

                                       – Bashir Badr 


याद किसी की चाँदनी बन कर कोठे कोठे उतरी है
(In Hindi)

याद किसी की चाँदनी बन कर कोठे कोठे उतरी है
याद किसी की धूप हुई है ज़ीना ज़ीना उतरी है

रात की रानी सहन-ए-चमन में गेसू खोले सोती है
रात-बेरात उधर मत जाना इक नागिन भी रहती है

तुम को क्या तुम ग़ज़लें कह कर अपनी आग बुझा लोगे
उस के जी से पूछो जो पत्थर की तरह चुप रहती है

पत्थर लेकर गलियों गलियों लड़के पूछा करते हैं
हर बस्ती में मुझ से आगे शोहरत मेरी पहुँचती है

मुद्दत से इक लड़की के रुख़्सार की धूप नहीं आई
इसी लिये मेरे कमरे में इतनी ठंडक रहती है

                                          – बशीर बद्र