This beautiful ghazal 'Is Kadi Dhoop Mein Saaya Kar Ke' has written by Naseer Turabi.


  Difficult Words  
अर्ज़ां = कम मूल्य का, सस्ता।
मानिंद = तरह, जैसा।
तीरगी = अँधेरा।
पशीमाँ = शर्मिन्दा।
वादा-ए-फ़र्दा = अगले दिन मिलने का वादा करना।
पसपा = लड़ाई में पीछे हटा हुआ, हारा हुआ, पराजित।
आईना-ए-हिज्र-ओ-विसाल = अलगाव।


Is Kadi Dhoop Mein Saaya Kar Ke 


Is kadi dhoop mein saaya kar ke 
Tu kahan hai mujhe tanha kar ke 

Main to arzaan tha khuda ki maanind
Kaun guzra mera sauda kar ke 

Tirgi toot padi hai mujh par 
Main pasheeman hoon ujaala kar ke 

Le gaya chhin ke aankhein meri 
Mujh se kyun wada-e-farda kar ke

Lau iraadon ki badha di shab ne 
Din gaya jab mujhe paspa kar ke 

Kaash ye aaina-e-hijr-o-visal 
Toot jaye mujhe andha kar ke 

Har taraf sach ki duhaai hai 'naseer' 
Sher likhte raho sachcha kar ke


इस कड़ी धूप में साया कर के 
(In Hindi)

इस कड़ी धूप में साया कर के 
तू कहाँ है मुझे तन्हा कर के 

मैं तो अर्ज़ां था ख़ुदा की मानिंद 
कौन गुज़रा मिरा सौदा कर के 

तीरगी टूट पड़ी है मुझ पर 
मैं पशीमाँ हूँ उजाला कर के 

ले गया छीन के आँखें मेरी 
मुझ से क्यूँ वादा-ए-फ़र्दा कर के 

लौ इरादों की बढ़ा दी शब ने 
दिन गया जब मुझे पसपा कर के 

काश ये आईना-ए-हिज्र-ओ-विसाल 
टूट जाए मुझे अंधा कर के 

हर तरफ़ सच की दुहाई है 'नसीर' 
शेर लिखते रहो सच्चा कर के 

                                   – Naseer Turabi