This beautiful ghazal 'Sirf Tera Naam Le Kar Rah Gaya' has written by Waseem Barelvi.

 Source 
लेखक – वसीम बरेलवी
किताब – मेरा क्या
प्रकाशन –  परम्परा प्रकाशन, नई दिल्ली
संस्करण – 2007


  Difficult Words  
पुर्सिश = कुशल-मंगल, पूछना, पूछ-ताछ, आदर-सत्कार, इज़्ज़त।
कामयाब-ए-ज़िंदगी = जीवन में सफलता।


Sirf Tera Naam Le Kar Rah Gaya

Sirf tera naam le kar rah gaya 
Aaj deewaana bahut kuch kah gaya 

Kya miri taqadeer mein manzil nahin 
Faasla kyun muskura kar rah gaya 

Zindagi duniya mein aisa ashq thi
Jo zara palakon pe thahra bah gaya 

Aur kya tha us ki pursish ka jawaab 
Apne hi aansoo chhupa kar rah gaya 

Us se poochh ae kaamyaab-e-zindagi
Jis ka afsaana adhoora rah gaya 

Haaye kya deevaanagi the ae 'Waseem' 
Jo na kahna chaahiye tha kah gaya.


(In Hindi)
सिर्फ़ तेरा नाम ले कर रह गया 
आज दीवाना बहुत कुछ कह गया

क्या मिरी तक़दीर में मंज़िल नहीं 
फ़ासला क्यूँ मुस्कुरा कर रह गया 

ज़िंदगी दुनिया में ऐसा अश्क थी 
जो ज़रा पलकों पे ठहरा बह गया 

और क्या था उस की पुर्सिश का जवाब 
अपने ही आँसू छुपा कर रह गया

उस से पूछ ऐ कामयाब-ए-ज़िंदगी 
जिस का अफ़्साना अधूरा रह गया 

हाए क्या दीवानगी थी ऐ 'वसीम' 
जो न कहना चाहिए था कह गया। 

                                 – Waseem Barelvi