PULWAMA ATTACK KA JAWAB Poetry by Goonj Chand | G TALKS

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  Pulwama Attack Ka Jawab Poetry  

कश्मीर की घाटी पे
फूल हिंदुस्तान का खिलने वाला है
एक-एक आतंकवादी का सर
धड़ से अलग होने वाला है
छुप जाओ जहां छुप सकते हो
फिर भी उनको पता चल जाना है
हाथ बंधे थे अब तक उनके
अब जोश पूर्ण स्वतंत्रता वाला है
क्योंकि एक-एक आतंकवादी का सिर
धड़ से अलग होने वाला है

आत्मसमर्पण कर दो अब तुम
क्यों की फौज का तरीका निराला है
पिछले बार तो बस गोली मारी थी
इस बार धड़ भी ना मिलने वाला है
एक-एक आतंकवादी का सर धड़ से अलग होने वाला है

वो लोग भी बच नहीं पाएंगे अब
जिनका आतंकियों को सहारा है
अपना समझ कर छोड़ा था
पर अब पहला नंबर तुम्हारा है
एक-एक आतंकवादी का सर
धड़ से अलग होने वाला है

सिर्फ खून के बदले खून नहीं अब
उनकी रूह तक को तड़पाना है
और हिंदू-मुस्लिम साइड में रख
हिंदुस्तानी होकर झंडा फहराना है
एक-एक आतंकवादी का सर
धड़ से अलग हो जाना है

कायर हो तुम सब के सब
कायर हो तुम सब के सब
इसलिए पीठ पीछे वार करना तुम्हें सिखाया है
उरी में सोए मासूमों पर गोली चलाई
और अब पुलवामा में ब्लास्ट करवाया है
इस बार तुम्हारा सामना
तुम्हारे बाप से होने वाला है
और पीछे से किए गए वार का जवाब
तुम्हें सामने से मिलने वाला है
एक-एक आतंकवादी का सर
धड़ से अलग हो जाना है

कांपोगे थरथर खौफ से तुम
मांगोगे पना फिर मौत से तुम
तुम्हारे घर में घुसकर ही
तुम्हारा क्रिया कर्म करवाना है
और तुम जैसे शैतानों की तो
अल्लाह भी ना सुनने वाला है
और जन्नत के चक्कर में तुम्हें
जहन्नुम भी ना मिलने वाला है
एक-एक आतंकवादी का सर
धड़ से अलग हो जाना है 
जय हिंद..
जय भारत..!!

                                               – Goonj Chand